Delhi Blast High Alert: दिल्ली एक बार फिर दहशत और सतर्कता के बीच खड़ी है। सोमवार शाम हुए लाल किला मेट्रो स्टेशन धमाके ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस धमाके में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
धमाके के कुछ ही घंटों में दिल्ली पुलिस, एनएसजी और पैरामिलिट्री फोर्स की टीमें एक्शन में आ गईं। राजधानी के कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
राजधानी में जारी हुआ हाई अलर्ट
सोमवार शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1 के पास अचानक एक सफेद Hyundai i20 कार में जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया। पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को राजधानी के सभी प्रमुख इलाकों में तैनात कर दिया गया है। लाल किला, इंडिया गेट, चांदनी चौक, करोल बाग, सरोजिनी नगर और कश्मीरी गेट जैसे व्यस्त इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
हाई अलर्ट में क्या होता है?
नोएडा के गढ़ी चौखंडी थाना इंचार्ज अंकित तरार बताते हैं —
“हाई अलर्ट का मतलब है कि संभावित खतरे या सुरक्षा जोखिम की आशंका के चलते सुरक्षा व्यवस्था को सबसे ऊंचे स्तर पर ले आना। इस दौरान सभी एजेंसियां एकजुट होकर चौकसी बढ़ा देती हैं।”
इस दौरान सुरक्षा एजेंसियां हर स्तर पर सक्रिय रहती हैं —
सभी चेकपोस्ट्स पर वाहनों की सघन तलाशी होती है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों की सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जाती है।
ड्रोन सर्विलांस के जरिए हवाई निगरानी की जाती है।
पुलिस और पैरामिलिट्री बल की अतिरिक्त तैनाती की जाती है।
डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल टीमें हर समय तैयार रहती हैं।
संदिग्ध गतिविधियों या व्यक्तियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाती है।
किन इलाकों में अलर्ट जारी?
धमाके के बाद जिन इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है, उनमें शामिल हैं —
लाल किला और चांदनी चौक क्षेत्र
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI)
नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन
कश्मीरी गेट बस अड्डा
करोल बाग, कनॉट प्लेस, सरोजिनी नगर और लाजपत नगर मार्केट
इसके अलावा दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
आम नागरिकों की भूमिका क्यों अहम है?
सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी लगातार कह रहे हैं कि “हाई अलर्ट का मतलब डर नहीं, सतर्कता और तैयारी है।”
इस दौरान नागरिकों को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए —
हाई अलर्ट के दौरान क्या करें और क्या न करें:
करें:
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
सार्वजनिक जगहों पर सतर्क रहें।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं।
अपने आसपास हो रही गतिविधियों पर नजर रखें।
अफवाहों से दूर रहें और केवल विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर भरोसा करें।
ना करें:
बिना जांचे सोशल मीडिया पर फेक खबरें या तस्वीरें साझा न करें।
अफवाह फैलाने वालों की बातों पर विश्वास न करें।
किसी भी संदिग्ध पैकेट, बैग या वाहन को हाथ न लगाएं।