Budget 2026: क्या सरकार स्टार्टअप्स को देगी सस्ते कर्ज का तोहफा? जानिए सेक्टर की बड़ी मांगें

Budget 2026: क्या सरकार स्टार्टअप्स को देगी सस्ते कर्ज का तोहफा? जानिए सेक्टर की बड़ी मांगें

Budget 2026: क्या सरकार स्टार्टअप्स को देगी सस्ते कर्ज का तोहफा? जानिए सेक्टर की बड़ी मांगें

 Budget 2026 : बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री सोनल बधान के अनुसार बजट 2026 में पूंजीगत खर्च ₹12–12.50 लाख करोड़ तक बढ़ सकता है। MSME, निर्यात सेक्टर, स्टार्टअप्स के लिए सस्ते कर्ज, ब्याज अनुदान और 9% GDP लक्ष्य पर जोर संभव। आगामी बजट 2026 में सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ा सकती है। MSME, निर्यात आधारित उद्योगों और स्टार्टअप्स के लिए आसान कर्ज, ब्याज सब्सिडी और रेपो रेट कट की संभावना जताई जा रही है।


बैंक आफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री सोनल बधान ने कहा है कि आगामी बजट में अगले साल के नौ प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का लक्ष्य तय किया जा सकता है। साथ ही पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 12-12.50 लाख करोड़ रुपये किए जाने की उम्मीद है। एक साक्षात्कार में सोनल ने कहा, हमें उम्मीद है कि सरकार चालू वित्त वर्ष में अपने राजकोषीय घाटे के 4.4 फीसदी लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी। जहां तक अगले वित्त वर्ष यानी 2026-27 की बात है तो राजकोषीय घाटे को 30-40 आधार अंक कम करके इसे 4-4.1 फीसदी किया जा सकता है।

चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार नवंबर तक बजट लक्ष्य का लगभग 60 प्रतिशत खर्च कर चुकी है। एक और ध्यान देने वाली जानकारी अगले साल के लिए नामिनल जीडीपी (बाजार दरों पर) का अनुमान है। उम्मीद की जा रही है कि यह नंबर लगभग 10 प्रतिशत होगा। उन्होंने कहा कि आयकर और अप्रत्यक्ष करों में किसी तरह के कटौती की संभावना नहीं है, क्योंकि पिछले साल के बजट और जीएसटी दरों को संशोधित करने से उन चिंताओं को काफी हद तक दूर कर दिया गया है।

कैपिटल एक्सपेंडिचर पर सरकार का फोकस
पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को आर्थिक विकास की रीढ़ माना है। सड़क, रेल, हाउसिंग, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों में पूंजीगत खर्च बढ़ाने से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होते हैं, बल्कि निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में कैपेक्स बढ़ोतरी का सीधा असर सीमेंट, स्टील, कंस्ट्रक्शन और कैपिटल गुड्स सेक्टर पर देखने को मिल सकता है।
MSME सेक्टर को मिल सकती है बड़ी राहत
बजट 2026 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए कई अहम घोषणाएं होने की संभावना है। MSME सेक्टर देश में रोजगार सृजन और निर्यात में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन महंगे कर्ज और सीमित फाइनेंसिंग के कारण यह सेक्टर अक्सर दबाव में रहता है।
संभावित प्रस्तावों में शामिल हैं:
  • MSME के लिए सस्ते कर्ज की सुविधा
  • ब्याज सब्सिडी या क्रेडिट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम
  • सरकारी गारंटी के साथ लोन उपलब्धता
  • डिजिटल और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन के लिए विशेष फंड
निर्यात आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान
वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत अपने निर्यात को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है। बजट 2026 में निर्यात आधारित उद्योगों के लिए टैक्स राहत, सस्ती फाइनेंसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि निर्यात को बढ़ाकर भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत किया जाए और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित रखा जाए।
स्टार्टअप्स के लिए आसान फंडिंग और इंसेंटिव
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में फंडिंग की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। ऐसे में बजट 2026 में स्टार्टअप्स के लिए आसान कर्ज, टैक्स इंसेंटिव और सरकारी समर्थन की उम्मीद जताई जा रही है।
संभावित घोषणाओं में शामिल हो सकता है:
  • स्टार्टअप्स के लिए विशेष क्रेडिट स्कीम
  • शुरुआती वर्षों में टैक्स में छूट
  • इनोवेशन और रिसर्च के लिए अतिरिक्त फंड
रेपो रेट कट की उम्मीद
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, अगर महंगाई नियंत्रण में रहती है तो भारतीय रिजर्व बैंक आने वाले समय में रेपो रेट में कटौती कर सकता है। रेपो रेट में कट से बैंकों की कर्ज दरें कम होंगी, जिससे MSME, स्टार्टअप्स और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
9% GDP ग्रोथ का लक्ष्य
सरकार का फोकस बजट 2026 के जरिए आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने पर है। सोनल बधान के अनुसार, सरकार 9% GDP ग्रोथ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नीतिगत फैसले ले सकती है। इसके लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर, निजी निवेश और उपभोग को बढ़ावा देना अहम होगा।
कुल मिलाकर, बजट 2026 से अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। अगर सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाने के साथ-साथ MSME, निर्यात सेक्टर और स्टार्टअप्स को सस्ती फाइनेंसिंग और ब्याज सब्सिडी जैसी राहत देती है, तो इससे देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूत आधार मिल सकता है। आने वाला बजट न केवल कारोबारियों बल्कि आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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