अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता का निधन: 14 फरवरी 2026 को दिल्ली में निधन हो गया, जहाँ उन्होंने लंबे समय तक गंभीर बीमारी से जूझते हुए जीवन के अंतिम दिन बिताए। सुनील मल्होत्रा पूर्व मर्चेंट नेवी कैप्टन थे और परिवार के अनुसार उन्होंने वर्षों तक स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना किया, जिनमें एक स्ट्रोक के कारण व्हीलचेयर पर जीवन बिताना भी शामिल था। उनके स्वास्थ्य में गिरावट के बावजूद उन्होंने हमेशा धैर्य और सकारात्मकता को थामा रखा और अपने परिवार के लिए मजबूती की मिसाल बने रहे। अंततः उन्होंने शांति से अपनी अंतिम साँस अपने नींद में ही ली, जिससे यह क्षण उनके परिवार और दोस्तों के लिए बेहद भावुक और कठिन बन गया।
अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के पिता सुनील मल्होत्रा पहले मर्चेंट नेवी के कप्तान (Merchant Navy Captain) थे और उन्होंने समुद्रों में अपना करियर सफलतापूर्वक निभाया। उनके जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और सकारात्मकता जैसे गुण हमेशा दिखाई देते रहे।

परिवार ने बताया कि सुनील मल्होत्रा ने अपने घर की शांति और परिवार की मौजूदगी में अंतिम सांस ली। यह क्षण उनके लिए भी बेहद भावुक था, क्योंकि उन्होंने हमेशा परिवार के साथ समय बिताने और प्यार बांटने को प्राथमिकता दी।
जैसे ही अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और उनकी पत्नी कियारा आडवाणी को यह दुखद खबर मिली, वे तुरंत दिल्ली पहुँचे। उन्होंने अपने पिता के अंतिम क्षणों में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके अंतिम संस्कार (क्रेमेशन) में मौजूद रहे। परिवार और करीबी दोस्तों की उपस्थिति में यह अंतिम यात्रा बेहद संजीदा और भावपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें सभी ने उनके जीवन और मूल्यों को याद किया।
सिद्धार्थ मल्होत्रा ने इस मौके पर सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने अपने पिता के साथ बिताए गए अनमोल पलों को याद किया और लिखा कि उनके पिता ने हमेशा ईमानदारी, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन जिया। सिद्धार्थ ने यह भी कहा कि उनके पिता ने उन्हें और उनके परिवार को हमेशा सशक्त बनाया और उनके मूल्य और आदर्श जीवन भर उनके साथ रहेंगे।
सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में अपने पिता को याद करते हुए लिखा कि उनके पिता ने ईमानदारी, अनुशासन और सकारात्मकता के साथ जीवन जिया और उनके जीवन के ये मूल्यों ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। वह अपने पिता को “पहला नायक और मौन मार्गदर्शक” बताते हैं और लिखते हैं कि उनके द्वारा दी गई सीखें आज भी उनके जीवन को मार्गदर्शन देती हैं।
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